Defence Sector | डिफेंस सेक्टर की तेज रफ्तार, इन शेयरों में आ रही तेजी, ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से हुई कायापलट
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मुंबई: मोदी सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Atmanirbhar Bharat) विजन से कई उद्योग क्षेत्रों में आयात (Import Dependency) निर्भरता कम होने लगी है। रक्षा क्षेत्र यानी डिफेंस सेक्टर (Defence Sector) को भी इसका बड़ा फायदा मिल रहा है। सरकार के प्रयासों से डिफेंस सेक्टर की तो कायापलट हो गयी है। देश का रक्षा उत्पादन (Defence Production) पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। वित्त वर्ष 2022-23 में 1.07 लाख करोड़ रुपए (13 अरब डॉलर) मूल्य के रक्षा उत्पादों का उत्पादन देश में हुआ, जो पिछले वर्ष के 95 हजार करोड़ रुपए की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने अगले 3 साल में इसे 1.75 लाख करोड़ रुपए (20 अरब डॉलर) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
इसी तरह देश का डिफेंस निर्यात (Export) भी तेजी से बढ़ने लगा है और निर्यात 16,000 करोड़ रुपए (2 अरब डॉलर) तक पहुंच गया है, जो 9 साल पहले मात्र 700 करोड़ रुपए था। यानी 9 साल में 23 गुना की जबरदस्त वृद्धि हुई है। यह देश के लिए काफी गौरव की बात है क्योंकि भारत कुछ साल पहले तक डिफेंस उत्पादों यानी हथियारों का सबसे बड़ा आयातक माना जाता था। अब सरकार ने अगले तीन साल में डिफेंस उत्पादों का निर्यात 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
सरकारी कंपनियों को सबसे ज्यादा लाभ
4 लाख से अधिक रोजगार वाले देश के डिफेंस सेक्टर में पूरी तरह ‘आत्मनिर्भरता’ तो संभव नहीं दिख रही है क्योंकि आयात निर्भरता बहुत ज्यादा यानी 75 प्रतिशत तक है, लेकिन जिस तरह से सरकार विशेष प्रयास कर रही है और उनमें सफलता मिल रही हैं, उन्हें देखते हुए आगामी वर्षों में निश्चित रूप से आयात में काफी हद तक कमी आ जाएगी। सरकार घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देकर अगले 3 साल में आयात हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत और अगले 5 साल में 50 प्रतिशत तक लाना चाहती है।
डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के लिए खुल रहे हैं नए द्वार
घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन दिए जाने से डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के लिए विकास के नए द्वार खुल रहे हैं और एक तरह से विकास की गंगा बहने लगी है। जहां डिफेंस कंपनियों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, वहीं वे बंपर मुनाफा भी कमा रही हैं। यह कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी कि डिफेंस सेक्टर का स्वर्ण युग यानी गोल्डन एरा (Golden Era) आ गया है। ऐसा आजादी के बाद पहली बार देखा जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा फायदा सरकारी कंपनियों (PSU) को मिल रहा है क्योंकि इस सेक्टर में उन्हीं का वर्चस्व है। सरकार आधुनिक सैन्य साजो-सामान के निर्माण में अधिक से अधिक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग करने पर जोर दे रही है और भारतीय सैन्य बलों (Indian Armed Forces) को मजबूत करने के लिए अपने ऑर्डर बढ़ाती जा रही है। जिससे सरकारी डिफेंस कंपनियों का कारोबार और लाभ (Sales & Profit) नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ तेज होने से संस्थागत व रिटेल निवेशकों (Investors) की रुचि डिफेंस शेयरों में बढ़ने लगी है। नतीजन डिफेंस शेयर (Stocks) नित नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं।
enavabharat.com द्वारा अनुशंसित शेयरों में 46% तक का फायदा
enavabharat.com ने 7 माह पूर्व 31 अक्टूबर 2022 को प्रकाशित अपने विश्लेषण ‘ऊंची उड़ान भरने को तैयार डिफेंस सेक्टर’ में 7 प्रमुख कंपनियों में निवेश के अच्छे अवसर बताए थे। विगत 7 महीनों में डिफेंस शेयरों में अच्छी तेजी आई है और 2 कंपनियों को छोड़ अन्य 5 में निवेशकों को 10% से लेकर 46% तक का अच्छा फायदा हुआ है। पीएसयू कंपनियां लाभांश (Dividend) भी खूब दे रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आगामी वर्षों में डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ और तेज होने की संभावना है। सभी फैक्टर पॉजिटिव है, जोखिम केवल एक है और वह है अगले साल के आम चुनाव में सरकार बदलने की आशंका। यदि अगली सरकार भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति पर कायम रही तो सेक्टर की ग्रोथ तेज होना तय है।
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निवेश के मिल रहे बढ़िया अवसर: अमित अनवानी
ब्रोकिंग हाउस प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड (Prabhudas Lilladher) के शोध विश्लेषक अमित अनवानी (Amit Anwani) का कहना है कि डिफेंस सेक्टर के लिए सरकार की नीतियां सही दिशा में है और सरकार पहली बार इस सेक्टर को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने अगले 3 साल में स्वदेशी उत्पादन और निर्यात का जो लक्ष्य रखा है, वह थोड़ा महत्वाकांक्षी अवश्य है, लेकिन संभव होता दिख रहा है। निश्चित रूप से डिफेंस सेक्टर में अच्छे दिन आ गए हैं और यही सरकार अगले 5 साल के लिए फिर निर्वाचित होती है तो आगामी 5 वर्ष डिफेंस सेक्टर के लिए गोल्डन युग होगा। सरकार हर साल रक्षा बजट में 8-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर रही है। इस साल 1।50 लाख करोड़ रुपए का रक्षा बजट बनाया गया है। सरकार एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर, मिसाइल, सबमरीन, डिस्ट्रॉयर्स, राडार और डिफेंस इलेक्ट्रोनिक्स सहित तमाम आधुनिक सैन्य साजो-सामान का उत्पादन देश में कराना चाह रही है और इसके लिए बड़े-बड़े ऑर्डर भी दे रही है। पिछले 9 महीनों में ही 1.35 लाख करोड़ रुपए मूल्य के ऑर्डर सरकार ने दे दिए हैं। आगामी 6 महीनों में कई बड़े ऑर्डर सरकार भारतीय डिफेंस कंपनियों को देगी। साथ ही कई देशों से निर्यात ऑर्डर भी बढ़ने लगे हैं। जिससे पीएसयू और कुछ निजी कंपनियां इस सेक्टर में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं तथा इनके शेयरों में मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए निवेश के बढ़िया अवसर हैं। जैसा कि हमने 7 माह पूर्व डिफेंस शेयरों में निवेश की सलाह दी थी। हम इस सेक्टर में लगातार बुलिश हैं और हमें लगता है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (Hindustan Aeronautics Ltd।), मझगांव डॉक (Mazagon Dock Shipbuilders Ltd।), भारत इलेक्ट्रोनिक्स (Bharat Electronics Ltd।), भारत डायनामिक्स (Bharat Dynamics Ltd।), डेटा पैटर्न (Datta Patterns Ltd।) और गार्डन रीच (Garden Reach Shipbuilders Ltd।) के शेयर अधिक आकर्षक हैं। जिन निवेशकों ने इनमें निवेश किया हैं, उन्हें होल्ड (Hold) करना चाहिए और कुछ करेक्शन यानी गिरावट आने पर नया निवेश करना उचित होगा।
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